Category: क्षत्रिय कोली इतिहास

क्षत्रिय कोली राजपूत: महाभारत के युग के उपरान्त

महाभारत  युग के बाद क्रांतिकारी परिवर्तन। महाभारत के युग के उपरान्त इस सम्पूर्ण क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ। कोशल राज्य के अधीन अनेक छोटे-छोटे गणतंत्रात्मक राज्य असितत्व में आये, जिसमें कपिलवस्तु के क्षत्रिय शाक्यों और रामग्राम के क्षत्रिय कोलियों का राज्य वर्तमान महराजगंज जनपद की सीमाओं में भी विस्तृत था। क्षत्रिय शाक्य एवं क्षत्रिय कोलिय गणराज्य की राजधानी रामग्राम की...

हमारे प्राचीन राजा मान्धाता की कथा: भगवान श्री राम के पूर्वज

हमारे प्राचीन राजा मान्धाता की कथा: कोली समाज की उत्पत्ति हमारे प्राचीन राजा मान्धाता(Mandhata) की कथा, मोहनजो दारो के पुरातात्विक निष्कर्ष 5000-3000 ईसा पूर्व के हैं। वहां के पत्थर के शिलालेखों में उनके राज्यों में महान कोली राजाओं और प्रशासन की उनकी पंचायती पद्धति का वर्णन है। महान राजा मान्धाता के संदर्भ में कई बार और उनके जीवन के विभिन्न...

भारत में कोली-कोरी सम्राट की सूची

राजा का नाम साम्राज्य साम्राज्य श्रीमंत राजा यशवंत राव विक्रम शाह (Srimant King Yaswant Rao Vikram Shah)   Jabhar ठाकुर केसरी सिंहजी Thakur Kesri Singh Ji कटोसन Katosan ठाकुर जालिम सिंहजी Thakur Jalim Singh Ji अंबलियार Ambliyaar ठाकुर पथेसिंह Thakur Patheh Singh घोडसर Ghodasar Photo1 ठाकुर सूरज सिंह Thakur Suraj Singh  सत्यमपा Sathampa Photo1 ठाकुर मोहन सिंह Thakur Mohan Singh...

कोली राज्यों का विस्तार : बुंदेलखंड

  बुंदेलखंड (16 वीं शताब्दी तक (चंदेलों के शासनकाल में) को जाजक भक्ति या जेजाका भक्ति के रूप में जाना जाता है) मध्य भारत का एक भौगोलिक क्षेत्र है। यह क्षेत्र अब उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश राज्यों के बीच बंटा हुआ है, जिसका बड़ा हिस्सा उत्तर में स्थित है। प्रमुख शहर झांसी, दतिया, ललितपुर, सागर, दमोह, ओराई, पन्ना, महोबा,...

कोली-कोरी समाज की उपजातियाँ-Subcastes of Koli-Kori Samaj

शाक्य – Shakya महावर – Mahawar मेहरा – Mehra तांती – Taanti पटवा पान -Patwa Paan कश्यप – Kashyap कुथार – Kuthar ताडपाड़ा – Tadpada लेहगीर – Lehgir धीमान – Dheeman बनोगा – Banogha एयरवर – Airwaar मुदिराज – Mudiraaj दाबी – Daabhi दामि चौहान – Daami Chauhan

भारत के विभिन्न राज्यों में कोली/कोरी(Koli in various states of India)

उत्तरप्रदेश: उत्तरप्रदेश में सोसाइटी को बारह एंडोगामस उपसमूहों में बांटा गया है, जैसे कि अहरवार, बनबटा, धीमान, हल्दीहा, जैसवार, कबीर पंथी, कैथिया, कमलवंशी, कमरिया, महाुरे, साक्यार और शंखवार और ये उपसमूह एक दूसरे के संबंध में समान स्थिति के हैं। इनमें से प्रत्येक उपसमूह को एक्जोटामस गोत्र में विभाजित किया गया है जैसे कि चाचोंडिया, काशमोर, खिरवार, कोठारिया, आदि। मध्यप्रदेश:...

क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल(Kshatriya Nagvanshi Koli Kul)

क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल(Kshatriya Nagvanshi Koli Kul): क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल एक विशुद्ध क्षत्रिय कुल है।अगर आप भगवान गौतम बुद्ध को जानते हैं तो आप कोलिय को भी भली भांति पहचानते हैं। गौतम बुद्ध की माताजी नागवंशी क्षत्रिय कोलिय राजकुमारी थी। सिंह शब्द का उच्चारण सर्वप्रथम “शाक्य सिंह” सिद्धार्थ गौतम के लिए किया गया। सूर्यवंशी क्षत्रियो की शाखा नागवंशी क्षत्रिय...

शक्तिशाली क्षत्रिय कोलिय राजा राजा चोल प्रथम:चोल साम्राज्य

  वंश                              : चोल वंश शासन काल                 : 985 ईसवी से 1014 ईसवी तक पदवी                          : राजकेसरी राजधानी                   ...

क्षत्रिय-राजपूत गौतम वँश : जिसमे राजा सिद्धार्थ का जन्म हुआ

क्षत्रिय-राजपूत गौतम वँश  जिसमे  राजा सिद्धार्थ का जन्म हुआ था और बाद मे वो ही “महात्मा बुद्ध” बने थे। गौतम वँश। वंश           :-  सूर्यवंश,इक्ष्वाकु ,शाक्य गोत्र           :-  गौतम प्रचर पाँच  :-  गौतम , आग्डिरस , अप्सार,बार्हस्पत्य, ध्रुव कुलदेवी    :- चामुण्ङा माता,बन्दी माता,दुर्गा माता देवता        :-  महादेव योगेश्वर,श्रीरामचन्द्र जी...

क्षत्रिय कोली राजपूत: महाभारत के युग के उपरान्त

महाभारत  युग के बाद क्रांतिकारी परिवर्तन। महाभारत के युग के उपरान्त इस सम्पूर्ण क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ। कोशल राज्य के अधीन अनेक छोटे-छोटे गणतंत्रात्मक राज्य असितत्व में आये, जिसमें कपिलवस्तु के क्षत्रिय शाक्यों और रामग्राम के क्षत्रिय कोलियों का राज्य वर्तमान महराजगंज जनपद की सीमाओं में भी विस्तृत था। क्षत्रिय शाक्य एवं क्षत्रिय कोलिय गणराज्य की राजधानी रामग्राम की...