क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल(Kshatriya Nagvanshi Koli Kul)

क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल(Kshatriya Nagvanshi Koli Kul): क्षत्रिय नागवंशी कोलिय कुल एक विशुद्ध क्षत्रिय कुल है।अगर आप भगवान गौतम बुद्ध को जानते हैं तो आप कोलिय को भी भली भांति पहचानते हैं। गौतम बुद्ध की माताजी नागवंशी क्षत्रिय कोलिय राजकुमारी थी। सिंह शब्द का उच्चारण सर्वप्रथम “शाक्य सिंह” सिद्धार्थ गौतम के लिए किया गया। सूर्यवंशी क्षत्रियो की शाखा नागवंशी क्षत्रिय...

शक्तिशाली क्षत्रिय कोलिय राजा राजा चोल प्रथम:चोल साम्राज्य

  वंश                              : चोल वंश शासन काल                 : 985 ईसवी से 1014 ईसवी तक पदवी                          : राजकेसरी राजधानी                   ...

क्षत्रिय कोली केशो नाईक: ब्रिटिशराज समय मे भारत का “रोबिन हुड” -Kshatriya Koli Kesho Naik: India’s “Robin Hood” in British Raj time

क्षत्रिय कोली केशो नाईक भारत मे ब्रिटिशराज के समय महाराष्ट्र का एक सूप्रसिद्ध डाकू था।   जिसके उपर १९१२ मे इंग्लैंड मे किताब लिखी गई जिसका नाम  The Exploits Of The Kesho Naik: The Dacoit है। नाईक को भारत का “रोबिन हुड” के नाम से जाना जाता था और साथ ही लोग उसे दक्कन का शेर बुलाते थे।   अमीर...

क्षत्रिय-राजपूत गौतम वँश : जिसमे राजा सिद्धार्थ का जन्म हुआ

क्षत्रिय-राजपूत गौतम वँश  जिसमे  राजा सिद्धार्थ का जन्म हुआ था और बाद मे वो ही “महात्मा बुद्ध” बने थे। गौतम वँश। वंश           :-  सूर्यवंश,इक्ष्वाकु ,शाक्य गोत्र           :-  गौतम प्रचर पाँच  :-  गौतम , आग्डिरस , अप्सार,बार्हस्पत्य, ध्रुव कुलदेवी    :- चामुण्ङा माता,बन्दी माता,दुर्गा माता देवता        :-  महादेव योगेश्वर,श्रीरामचन्द्र जी...

क्षत्रिय कोली विद्रोह : सन् 1828

1828 का क्षत्रिय कोली विद्रोह मुख्य स्थान          :- नागपुर                                                                                               ...

1858 में सिंध, पाकिस्तान के क्षत्रिय कोली का ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह

1858 विद्रोह और रुपलो क्षत्रिय कोल्ही: 1858 में सिंध, पाकिस्तान के क्षत्रिय कोली जाती के लोगो ने अंग्रेजी हुकूमत के सामने हथियार उठाए थे। जब मीर राजाओं को अंग्रेजों ने मार डाला तो सिंध के क्षत्रिय कोलीयो ने अंग्रेजों के खिलाफ बड़ी संख्या में एक होकर लड़ना सुरु कर दिया । रुपलो क्षत्रिय कोल्ही (Rooplo Kolhi) नाम के कोली सरदार...

क्षत्रिय कोली राजपूत: महाभारत के युग के उपरान्त

महाभारत  युग के बाद क्रांतिकारी परिवर्तन। महाभारत के युग के उपरान्त इस सम्पूर्ण क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन हुआ। कोशल राज्य के अधीन अनेक छोटे-छोटे गणतंत्रात्मक राज्य असितत्व में आये, जिसमें कपिलवस्तु के क्षत्रिय शाक्यों और रामग्राम के क्षत्रिय कोलियों का राज्य वर्तमान महराजगंज जनपद की सीमाओं में भी विस्तृत था। क्षत्रिय शाक्य एवं क्षत्रिय कोलिय गणराज्य की राजधानी रामग्राम की...

नागवंशी कांशी नरेश राजा राम तथा शाक्य कुमारी अमृता का कोलवन में संयोग व कोलिय क्षत्रियों की उत्पत्ति

ऐतिहासिक शोधों से प्रमाणित । शाक्यों की उत्पत्ति सूर्यवंशी महाराजा इक्ष्वाकु जिसे पाली भाषा ग्रन्थों में ओकाक कहा गया है तथा उनकी पट्टमहिषी रानी से हुई और शाकोट वन के कारण ये शाक्य क्षत्रिय कहलाये । साकेत (कौशल) के प्रतापी राजा इक्ष्वाकु की प्रथम रानी के चार पुत्र क्रमशः ओलखामुख, करकण्ड, हसितशोर्य व ओपुर तथा पाँच पुत्रियाँ अमृता (प्रिया), सुप्रिया,...

क्षत्रिय कोली पेरुम्बिदुगु मुथियार – तंजौर राज्य(तमिलनाडु)

राज्य          : तंजौर राज्य (तंजावुर-तमिलनाडु) शासक       : पेरुम्बिडुगु मुथैयार शीर्षक       : महाराजा जाति          : क्षत्रिय कोली उप जाति    : मुथुराजा, मुदिराज, मुदिराज पेरुम्बिडुगु मुथियार  द्वितीय का जन्म 23 मई, 675 ईस्वी में हुआ था। उनके पिता इलांगोविथारायण उर्फ मारन परमेस्वरन थे। वह 705 ई। में अपने पिता...